प्रतापगढ़ - कुंडा, अक्टूबर 3 -- शहर के रामलीला मैदान में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और लंकापति रावण के बीच चले युद्ध के बाद श्रीराम ने रावण की नाभि को निशाना बनाकर बाण छोड़ा। नाभि में बाण लगते ही दशानन धराशायी हो गया और धू धू कर जल उठा। यह दृश्य देखकर देवता फूलों की वर्षा करने लगे और पूरे रामलीला मैदान में श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व गुरुवार को परम्परागत तरीके से मनाया गया। श्रीराम लीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध और रावण वध का मंचन किया गया। इसके लिए गुरुवार को रामलीला मैदान का नजारा एकदम बदला नजर आया। श्रीराम और रावण युद्ध का साक्षी बनने के लिए दोपहर से ही रामलीला मैदान में श्रद्धालुओं का जमावड़ा होने लगा था। अपरान्ह तीन बजे तक समूचा मैदान खचाखच भर गया। हर शख्स उस स्थान तक प...