रुडकी, दिसम्बर 28 -- कस्बे में स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर में श्रीराम कथा के समापन के अवसर पर रविवार को हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान कथा वाचक विपिन आनंद महाराज ने यज्ञ के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। महाराज ने कहा कि यज्ञ में हवन कुंड की अग्नि को अर्पित की गई आहुतियां वायु देवता के माध्यम से आकाश मंडल तक पहुंचती हैं और वहीं से बादल बनकर जल के रूप में पृथ्वी पर लौटती हैं, जिससे अन्न की उत्पत्ति होती है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और अनेक प्रकार की बीमारियों का नाश भी होता है। कथा वाचक ने कहा कि मनुष्य को अपने मन और शरीर को सदैव पवित्र रखना चाहिए। पवित्र दृष्टि, मधुर वाणी, सही नीति और शुद्ध नियत से ही घर में सुख-शांति का वास होता है। उन्होंने बताया कि हवन यज्ञ में देसी घी और विभिन्न...
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