बलिया, नवम्बर 14 -- भीमपुरा। क्षेत्र के आरीपुर सरया गांव में चल रहे नौ कुण्डी विष्णु महायज्ञ में कथा वाचिका मानस मंदाकिनी डॉ. रागिनी सरस्वती ने कहा कि राम कथा मानव जीवन का मूल मंत्र है। जो राम कथा का रसपान करता है, उसके जीवन का हर क्षण पावन और सार्थक हो जाता है। बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ा है, तब-तब भगवान विष्णु ने श्रीराम सहित अनेक रूपों में अवतार लेकर दुष्टों का अंत किया है। रावण का अत्याचार बढ़ने पर श्रीराम का जन्म होना इसका प्रमाण है। कथा में यह भी स्पष्ट उल्लेख है कि जब ऋषि-मुनियों पर अत्याचार बढ़ा, तब महर्षि विश्वामित्र स्वयं राजा दशरथ के दरबार पहुंचे और यज्ञ की रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को साथ ले गए। उन्हीं के हाथों दुष्ट राक्षसों का विनाश हुआ। डॉ. रागिनी ने कहा कि हर व्यक्ति को अत्याचार और दुराचार के विरुद्ध जागरूक रहना ...
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