शामली, जनवरी 5 -- कस्बे में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कथावाचक द्वारिका प्रसाद द्वारा राजा परीक्षित और सुखदेव महाराज के प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए भगवान श्री कृष्ण की 16 कलाओ का भावपूर्ण व्याख्यान किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओ और उनके दिव्य स्वरूप का श्रवण करते रहे। सोमवार सुबह पंडितों ने यजमान वीरेन्द्र दत्त सेमवाल द्वारा पूजा करकर दोपहर कथा का शुभारंभ किया। कथावाचक द्वारिका प्रसाद ने सुनाया कि राजा परीक्षित को श्राप मिलने के बाद सुखदेव महाराज द्वारा उन्हें श्रीमद् भागवत कथा का उपदेश दिया गया, जिससे मानव जीवन को सही दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की 16 कलाएं उनके संपूर्ण और पूर्णावतार होने का प्रमाण हैं, जिनमें...
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