बिजनौर, जून 28 -- बढ़ापुर। बड़ा श्री शिव मंदिर की धर्मशाला में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन रुक्मणी का विवाह धूमधाम से मनाया गया। कथावाचक आचार्य संजीव वशिष्ठ ने युवाओं को हर काम मर्यादा में रहकर करने की सीख दी। श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों को रासलीला प्रसंग, कंस उद्धार प्रसंग व रुक्मणी विवाह की कथा सुनाते हुए वृंदावन से आए कथावाचक आचार्य संजीव वशिष्ठ ने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि उनको ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे उनके माता-पिता के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचे। युवाओं को मर्यादा में रहकर ही करना चाहिए। कहा कि माता-पिता की आज्ञाकारी संतान को हर कार्य में संतोष और सफलता मिलती हैं। कथावाचक ने राधा नाम की महिमा, नाम जप महिमा व गुरु सेवा का महत्व बताते हुए कहा कि किसी को मालूम नहीं होता कि जाने कौन...
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