हापुड़, जनवरी 12 -- श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा व्यास आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज ने राजा परीक्षित का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। बुलंदशहर रोड स्थित श्री मां मनसा देवी मंदिर के 16वें वार्षिक उत्सव के उपलक्ष में मंदिर प्रांगण में चल रही श्री भद्भागवत कथा में कथाव्यास आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि मनुष्य जीवन केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि परमात्मा की प्राप्ति के लिए मिला है। उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म और उन्हें मिले सात दिन के श्राप का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि राजा परीक्षित ने अपनी मृत्यु को जानकर भी घबराने के स्थान पर मोक्ष के मार्ग को चुना। जब गुरु का जीवन में आगमन होता है, तभी अज्ञान का अंधेरा दूर होता है। परीक्षित और कलयुग के संवाद के माध्यम से बताया गया कि कलयुग का वास अधर...
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