लखनऊ, नवम्बर 17 -- लखनऊ, संवाददाता। श्रीमद्भागवत भारतीय साहित्य का अपूर्व ग्रंथ है। यह भक्ति रस का ऐसा सागर है, जिसमें डूबने वाले को भक्तिरूपी मणि-माणिक्यों की प्राप्ति होती है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से राजाजीपुरम स्थित बाबा की बगिया में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण साप्ताहिक कथा ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को यह विचार कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती जी ने रखे। साध्वी जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण में जिनकी लगन लगी है उन भावुक भक्तों के हृदय में प्रभु के माधुर्य भाव को अभिव्यक्त करने वाला, उनके दिव्य रस का आनंद करवाने वाला यह सर्वोत्कृष्ट महापुराण है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा वह परमतत्व है जिसकी विराटता अपरिमित व असीम है। यह वह अखंड प्रकाश है जो मानव की प्रज्ञा को ज्ञान द्वारा आलोकित कर व्यापक चिंतन के द्वार खोल देता है। इस ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.