बुलंदशहर, जुलाई 25 -- खुर्जा। क्षेत्र की गोकुल विहार कालोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन व्यास अंशुल माधव शास्त्री ने श्रीकृष्ण और रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं, जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भवसागर पार हो जाता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधव गोपी संवाद, ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना एवं रुक्मणी विवाह के प्रसंग सुनाया। इसके साथ ही कथा के दौरान उन्होंने भजन भी सुनाए। जिन्हें सुनकर उपस्थित श्रद्धालु अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने के लिए मजबूर हो गए। इसमें मुकुल कश्यप, दिनेश ठाकुर, हरेंद्र शर्...