दुमका, नवम्बर 4 -- दलाही। मसलिया प्रखंड क्षेत्र की बसकीडीह पंचायत के आस्थाजोड़ा गांव में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिवस की कथा में श्रोताओं ने श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में महारास, कंस वध, उद्धव गोपी संवाद, रुकमणी विवाह आदि प्रसंगों का रसपान किया। श्री धाम वृंदावन से पधारे कथा वाचक संजय शास्त्री जी महाराज ने संगीतमय कथा का वर्णन करते हुए कहा कि महारास आत्मा और परमात्मा के बीच मिलाप का प्रतीक है, न कि शारीरिक नृत्य है। यह ज्ञान,भक्ति और एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रेम और श्रद्धा के बिना भक्ति अधूरी है।
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