बुलंदशहर, अक्टूबर 10 -- ग्राम गिरधरपुर नवादा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक श्रीधाम वृंदावन से पधारे आचार्य बलदेव कृष्ण ने कथा के तीसरे दिन गोकर्ण व धुंधकारी की कथा का वर्णन किया। कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा में धुंधकारी की कहानी है, जिसमें वह अपने कुकर्मों के कारण प्रेत योनि में चला जाता है और बाद में अपने भाई गोकर्ण द्वारा सुनाई गई भागवत कथा श्रवण करने से प्रेत योनि से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है। कर्ण की कथा श्रीमद् भागवत में नहीं है, वह महाभारत में महत्वपूर्ण पात्र हैं। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा को श्रवण किया।
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