बेगुसराय, फरवरी 3 -- गढ़पुरा, एक संवाददाता। बाबा हरिगिरिधाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की छठी को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कथावाचिक वैदेही शरण ने अपने प्रवचन में श्रीकृष्ण की बाल लीला के गूढ़ अर्थों को स्पष्ट करते हुए भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बताया कि शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया। इस अवसर पर भगवान ने अपनी दिव्य बासुरी बजाई जिसका स्वर केवल गोपियों ने सुना। जब गोपियां बासुरी की आवाज सुनकर अपने कार्यों को छोड़कर भगवान के पास पहुंचीं और रास लीला शुरू हुई, तब गोपियों को सौंदर्य का अभिमान हो गया। इस कारण भगवान श्रीकृष्ण अंतर्ध्यान हो गए। तब गोपियां भगवान के दर्शन के लिए गोपी गीत गाने लगीं और रोने लगीं। तब भगवान श्रीकृष्ण पुनः प्...
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