कौशाम्बी, नवम्बर 17 -- कथा सुनने के लिए उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़ फोटो- महेवाघाट, हिंदुस्तान संवाद। सरसवां ब्लॉक के धनौंदा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित जन्म की कथा ब्यास ने भक्तों को सुनाया। कथा व्यास आचार्य अखिलेश ने कहा कि जन्म-जन्मांतर और युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचाता रहा है। भागवत पुराण उसी सनातन ज्ञान का प्रवाह है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने पर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर पांडवों को मारने के लिए ब्रम्हास्...