हरिद्वार, जून 20 -- केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने श्रीभगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को शोध केंद्र की मान्यता दी है। इसके तहत छात्र प्राचीन संस्कृत शास्त्रों तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के विषयों पर शोध कार्य कर सकेंगे। प्रभारी प्राचार्य डॉ. व्रजेन्द्र कुमार सिंहदेव ने बताया कि प्रो. बिहारीलाल शर्मा के निर्देश पर शोध केंद्र की मान्यता के लिए आवेदन किया था। निरीक्षण-दल की संस्तुति पर केन्द्रीय संस्कृत विवि ने शोध केन्द्र की मान्यता प्रदान की है। डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि शोध केन्द्र के तहत शोधार्थी प्राचीन संस्कृत शास्त्रों एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के विषयों पर शोध कार्य करेंगे। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार गौरवान्वित अनुभव कर रहा है।

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