बरेली, नवम्बर 15 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थता, ईमानदारी और सच्ची दोस्ती का उदाहरण हैं। इस मित्रता से हमें यह सीखना चाहिए कि दोस्ती में स्वार्थ नहीं होता, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और आपसी सम्मान होता है। यह विचार कृष्णानगर कॉलोनी दुर्गानगर में नव कुंडीय सहस्त्रचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर आचार्य रमाकांत दीक्षित ने व्यक्त किए। आचार्य ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष, होली महोत्सव, भागवत विश्राम आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। कथा के दौरान फूलों की होली खेली गई, जिसमें राधा-कृष्ण के स्वरूप की भव्य झांकी ने सभी को मोहित किया। यहां यजमान अरविंद अग्रवाल, हर्ष कुमार अग्रवाल, अजय राज शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्या पुष्पा पांडेय, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, आईएमए के प्रदेश अध्यक्...
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