एटा, सितम्बर 12 -- किला रोड स्थित राजा सूर्यपाल सिंह मंच पर आयोजित कृष्ण लीला के तीसरे दिन मीरा की कृष्ण के प्रति अपार भक्ति का मार्मिक चित्रण और मंचन किया। लीला मंचन के दौरान कलाकारों ने दर्शाया कि मीरा ने बाल्यावस्था से ही सब कुछ त्याग दिया और कृष्ण की भक्ति में लीन हो गई और पूरा जीवन वैराग में व्यतीत कर दिया। मीरा ने श्री कृष्ण को ही अपना पति मान लिया और सर्वस्व कृष्ण को समर्पित कर दिया। ऐसी भक्ति भाव समाज के प्रति एक मिसाल बन गई। मीरा का कृष्ण के प्रति समर्पण इतना था कि संसार की समस्त शक्तियां भी उसे विचलित नहीं कर पाई। जब मीरा विवाह योग्य हो गई तो राणा सांगा के पुत्र भोजराज के साथ उनका विवाह धूमधाम से करवाया गया। परंतु मीरा इस विवाह से खुश नहीं थी विवाह के समय मीरा कृष्ण भगवान की मूर्ति अपने साथ ससुराल में ले गई। मीरा की कृष्ण भक्ति ...
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