देवरिया, नवम्बर 5 -- रुद्रपुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के समुदा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया ने पूतना उद्धार, माखन चोरी और गोवर्धन पूजा के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पूजा से प्रकृति संरक्षण का संन्देश दिया है। बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया ने कहा कि पूतना वध की लीला ने सिखाया कि ईश्वर भावना के मूल्य को स्वीकार करते हैं। वहीं माखन चोरी की लीला ने भगवान के बाल रूप में छिपे अलौकिक आनन्द का दर्शन कराया। उन्होंने कहा कि जब इन्द्र के कोप से व्रजवासी भयभीत हुए, तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर सभी की रक्षा की। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। यह धरती माता के प्रति आभार का पर्व है।
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