उरई, दिसम्बर 13 -- जालौन, संवाददाता। क्षेत्रीय ग्राम मलकपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्म और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। पंडाल में बैठे भक्तों ने जयकारे लगाए। भगवान के जन्मोत्सव की लीला सुन भावविभोर होकर भक्त झूम उठे। क्षेत्रीय ग्राम मलकपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास सुबोधानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब कंस का अहंकार बढ़ गया और वह अच्छाई और बुराई का भेद भूल गया तब भगवान को मानव रूप में पृथ्वी पर प्रकट होना पड़ा। श्रीकृष्ण का मथुरा की जेल में प्राकट्य होने के बाद वासुदेव ने रातों-रात उन्हें गोकुल में नंद बाबा के यहां पहुंचा दिया और उनके यहां जन्मी पुत्री को देवकी की गोद में दे दिया। उधर, गोकुल में जैसे ही सुबह सभी जागे तो नंदबाबा के यहां...