संभल, सितम्बर 8 -- बाजारों में इस समय एक अजीब सी खामोशी छाई हुई है। नवरात्रों की तैयारियों से पहले का ये समय, जिसे आम तौर पर कारोबारी "लो सीज़न" मानते हैं, इस बार और भी ज्यादा सुस्त नजर आ रहा है। एक तरफ श्राद्ध पक्ष के चलते परंपरागत रूप से लोग नए सामान की खरीदारी से परहेज कर रहे हैं, तो दूसरी ओर जीएसटी में संभावित दरों में बदलाव की अटकलों ने भी ग्राहकों को 'इंतजार की मुद्रा में ला खड़ा किया है। ग्राहक उम्मीद कर रहे हैं कि जीएसटी टूटने के बाद सामान की कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। यही वजह है कि इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर फर्नीचर और कपड़ों तक, कई सेगमेंट्स में खरीदारी लगभग थम सी गई है। केवल ग्राहक ही नहीं, दुकानदार और थोक कारोबारी भी इस समय ज्यादा स्टॉक मंगाने से बच रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर जीएसटी दरें कम हो गईं, तो...
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