मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 29 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। हमारे ग्रंथ हमें सिखाते हैं कि जीवन में मनुष्य का श्रम और उसका कर्म ही उसके भविष्य का निर्माण करते हैं। ये बातें जिला स्कूल खेल मैदान में हरियाणा सेवा संघ द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा के आठवें दिन सोमवार को कथावाचक प्रेममूर्ति प्रेमभूषण महाराज ने कहीं। उन्होंने कहा कि धरती पर मनुष्य से ज्यादा चतुर कोई जीव नहीं है, लेकिन भगवान के दरबार में चतुराई नहीं चलती है। वहां चतुराई करने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह पाता है। बात-बात में छल पूर्वक चतुराई करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सुखी नहीं हो पाता है। भगवान की कथा से हमें यही शिक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि सुख चाहते हैं तो बनावटी जीवन से बचने का प्रयास करें। जो व्यक्ति जीवन में बनावटीपन का आश्रय लेता है, उसका जीवन स्वत...