वाराणसी, नवम्बर 26 -- चौबेपुर (वाराणसी), वाराणसी उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में मंगलवार सुबह सात बजे 'अ' अंकित श्वेत ध्वजारोहण हुआ। इसके साथ ही समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव विहंगम योग के 102वें वार्षिकोत्सव एवं 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का शुभारम्भ हुआ। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने स्वर्वेद कथामृत के लगभग ढाई घंटे चले प्रवचन में कहा कि सत्य पर पूर्ण विश्वास ही श्रद्धा है। श्रद्धावान साधक ही ज्ञान प्राप्त कर शांति का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि आंतरिक अशांति ही बाहरी संघर्षों की जननी है, अतः मन को साधने से जीवन सरल और आनंदमय हो जाता है। महाराज ने भारतीय संस्कृति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि विश्व की आदि संस्कृति भारतीय संस्कृति है। यह भूमि मात्र नहीं, हमारी मातृभूमि है। प्रथम दिवस के कार्यक्रमों में स्वर्वेद द...