पाकुड़, फरवरी 21 -- महेशपुर। राजबाड़ी परिसर स्थित राजाओं के शासनकाल के समय निर्मित शिव मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के असीम श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। सौ वर्षों से अधिक समय पहले बने शिव मंदिर की विशेषता यह है कि यहां एक ही बेदी पर दो शिव मंदिरों का निर्माण किया गया है। माना जाता है कि ऐसा मंदिर पश्चिम बंगाल में ही है। वर्तमान में यहां नित्य पूजा-अर्चना प्रह्लाद पंडा करते हैं। बांसलोई नदी स्थित शिव मंदिर की मान्यता है कि विवाहोपरांत नव वर-वधू के यहां मत्था टेकने से उनके सुखमय दाम्पत्य जीवन की कामना अवश्य पूरी होती है। महा शिवरात्रि पर्व तथा पवित्र श्रावण माह में इस शिवमंदिर में पूजन-अर्चना के लिए शिवभक्तों तथा श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।
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