सहारनपुर, अगस्त 29 -- गुरुवार को सभी 25 जिनालयों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ दशलक्षण धर्म की दस दिवसीय पूजा का शुभारंभ हुआ। नगर के सभी जैन मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। प्रातःकालीन बेला में स्त्री-पुरुष, युवा, वृद्ध और बच्चे श्वेत एवं केसरिया वस्त्रों में देवदूत से प्रतीत हो रहे थे। जैन बाग स्थित प्राचीन अतिशयकारी जैन मंदिर के श्री वीरोदय मंडपम् में विमर्शसागर महाराज के सानिध्य में नौ मुनि महाराज और बीस आर्यिका माताओं के साथ भक्तिपूर्ण वातावरण में भगवान महावीर स्वामी के जिनबिंब पर शांतिधारा, अभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए दशलक्षण धर्म के प्रथम क्षमा धर्म पर उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि क्षमा आत्मा का स्वभाव है और क्रोध आत्मा का विरोधी। क्रोध से शरीर और आत्मा दोनों को हानि...