लोहरदगा, फरवरी 9 -- लोहरदगा, संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा साफ आदेश दिया गया है कि प्रत्येक सरकारी और निजी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छ शौचालय अवश्य हों। शौचालय की अनुपलब्धता पर विद्यालय की मान्यता तक रद्द करने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट के साफ निर्देश के बाद भी जिले के कई विद्यालयों में शौचालय का ढांचा तो खड़ा है पर यह उपयोग लायक नही है। स्थिति यह है कि शौचालय के उपयोग से स्वास्थ्य सबंधी समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले के 503 सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए 945 और बालकों के लिए 691 शौचालय बनाये गए हैं जिनमें बालिकाओं के लिए बने शौचालय में से 891 फंक्शनल हैं और बालकों के लिए बने शौचालय में से 633 शौचालय फंक्शनल हैं। जबकि हकीकत इससे भी बुरी है जहां शौचालय है भी वहां रख-रखाव, ...