देहरादून, मई 5 -- अच्छे शोध के लिए सही उपकरण और प्रशिक्षण की जरूरत है। इसके साथ हमारे शोधकर्ता वैश्विक शैक्षिक संवाद में सार्थक योगदान कर सकते हैं। ये बात दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने सोमवार को विवि में शुरू हुई साहित्य मापनीयता सामग्री और मेटा-विश्लेषण पर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन पर कही। उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय की इस भविष्यदृष्टि वाली अकादमिक पहल के आयोजन की सराहना की। कहा कि जो शोध दृश्यता, प्रकाशन रणनीतियों को परिष्कृत करने और शैक्षिक प्रभाव का मूल्यांकन करने में सहायक होते हैं। कार्यशाला के समन्वयक और पुस्कालय अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने कहा कि साहित्य मापनीयता विधियों के महत्व पर जोर दिया। यह बताया कि ये विधियाँ शोधकर्ताओं को शैक्षिक प्रवृत्तियों का विश्लेषण करने, प्रकाशन गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विभिन्न क्षेत्रों...
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