भागलपुर, दिसम्बर 16 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। गंगा की सहायक नदी चंपा से भी मछलियां रुख कर चुकी हैं। दशकों पहले गंगा का पानी जब चंपा नदी में आना बंद हो गया तब इस नदी ने नाला का रूप ले लिया। यह हाल के वर्षों में चंपानाला के नाम से जाना जा रहा है। चंपानाला कई देशज मछलियों का घरौंदा माना जाता था लेकिन अब यहां की मुख्य मछलियां लुप्त हो रही हैं। यहां से पतासी, तीनकटिया, बामी, सिंघी और कवई जैसी दुर्लभ मछलियां लुप्त हो रही हैं। प्रतिकूल जलीय पारिस्थितिकी तंत्र और गंभीर प्रदूषण विलुप्त होने का कारण बन रहा है। टीएमबीयू के जूलॉजी विभाग के डॉ. डीएन चौधरी और बायोडायवर्सिटी रिसर्च लैब की प्रियंका सागर ने जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 (करीब 16 माह) के रिसर्च में पाया कि शुष्क मौसम, कुपोषण और जलीय प्रदूषण से यहां खतरा बढ़ रहा है। शोधकर्ताओं ने इस आर्द्रभू...