लखनऊ, फरवरी 4 -- लखनऊ, संवाददाता। बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी) में आयोजित तीन दिवसीय रॉक मैग्नेटिज्म विषयक कार्यशाला का समापन हुआ। इस दौरान छात्रों और शोधार्थियों ने भाग लिया और समापन सत्र में प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रो. सतीश जे. सांगोडे ने मैग्नेटोस्ट्रैटिग्राफी तकनीक एवं भू-विज्ञान में इसके अनुप्रयोग और पर्यावरणीय चुंबकत्व का परिचय विषयों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए समझाया कि किस प्रकार शैलों, अवसादों और मृदाओं में संरक्षित सूक्ष्म चुंबकीय संकेत पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास, पर्यावरणीय परिवर्तनों और भू-काल निर्धारण को समझने में सहायक होते हैं। डॉ. बिनिता फर्तियाल ने बताया कि अवसाद, जीवाश्म, भू-रासायनिक और जैविक संकेतकों जैसे कई प्राकृतिक अभिलेखों के संयुक्त अध्ययन से प्राचीन जलवायु ...