आजमगढ़, जनवरी 8 -- आजमगढ़, संवाददाता। शहर से ग्रामीण इलाकों तक आवारा कुत्तों का आतंक है। शेल्टर होम नहीं बनने से उन्हें पकड़कर रखने के लिए अभी कहीं व्यवस्था नहीं हो सकी है। सभी निकायों में अभी शेल्टर होम के लिए जमीन तलाशी जा रही है। आवारा कुत्ते हर दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। उनके काटने से लोग जख्मी होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। रात के समय कुत्तों के दौड़ाने या फिर सड़कों पर अचानक सामने आ जाने के कारण हादसे भी हो रहे हैं। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर है कि लोगों को घरों से निकलने में भी डर लग रहा है। कुत्तों के काटने से प्रति माह जिले के सरकारी अस्पतालों में पांच हजार से अधिक पीड़ित पहुंच रहे हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे आसानी से डाग बाइट (कुत्ते के काटने से) के शिकार हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट...
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