नई दिल्ली, फरवरी 6 -- अगस्त 2024 में छात्र विद्रोह और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश अपने इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। आगामी 12 फरवरी 2026 को देश में 13वें संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं। इसे साल 2026 की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया कहा जा रहा है, जिसमें करीब 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर यह है कि देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग को इस चुनावी दौड़ से बाहर कर दिया गया है। यह शेख हसीना की पार्टी है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की देखरेख में हो रहे ये चुनाव बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी का लिटमस टेस्ट माने जा रहे हैं। 15 साल तक सत्ता में रहने वाली शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर अंतरिम सरकार ने चुन...