भागलपुर, नवम्बर 17 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। पशुपालन निदेशालय ने जिला पशुपालन पदाधिकारियों को शीतलहर से होने वाली पशुक्षति से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था कराने का निर्देश दिया है। शीत लहर से पशुओं के बचाव के संबंध में गाइडलाइन जारी किया है। निदेशक ने जारी पत्र में कहा कि आसन्न शीत ऋतु में शीतलहरों से पशुधन के प्रभावित होने एवं उनकी क्षति की संभावना बनी रहती है। पशुओं में हाइपोथरमिया, फ्रोस्टबाइट, लॉस ऑफ एप्पेटाइट, विशेष कर भारी वजन वाले पशुओं में अर्थराइटिस पालतू कुत्तों में निल कफ और प्रतिरोधक बीमारी की समस्या देखी जाती है। शीत ऋतु में पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए ठोस रणनीति के तहत रोग निरोधक उपाय किया जाना, प्राथमिक उपचार एवं पशुचिकित्सा की समुचित व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी न...