पटना, नवम्बर 22 -- बाढ़-सुखाड़ की तरह शीतलहर और पाला को अब प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र लिखा है। विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा में शामिल होने से पीड़ितों को सरकार के प्रावधान के मुताबिक मुआवजा मिलने में आसानी होगी। उन्होंने इसके लिए कुछ प्रावधानों का भी जिक्र किया जिसके अनुसार शीतलहर और पाला की परिस्थिति को परिभााषित किया गया है। वैसे क्षेत्र जहां सामान्य न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक हो और यदि उस जगह का न्यूनतम तापमान सात डिग्री से कम हो जाए, वैसे क्षेत्र जिसका न्यूनतम तापमान 10 डिग्री या इससे कम हो और वहां यदि तापमान पांच डिग्री से कम हो तो ये क्षेत्र शीतलहर की चपेट में माने जाएंगे। कि...