मुजफ्फरपुर, फरवरी 14 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। भारतीय न्याय प्रणाली में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 जैसे नए कानूनों के माध्यम से जांच और परीक्षण में समय सीमा तय की जानी चाहिए। ये बातें शनिवार को एसकेजे लॉ कॉलेज में आज के समय में शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता : चुनौतियां और उपाय पर आयोजित सेमिनार में प्राचार्य डॉ. केएन तिवारी ने कहीं। सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी मुख्य अतिथि मणिशंकर मणि ने भारतीय न्याय व्यवस्था में शीघ्र सुनवाई को स्पष्ट करते हुए कहा कि बिना किसी आवश्यक देरी के आपराधिक मामलों का निपटारा करना इसका मकसद है। उन्होंने कहा कि अदालतों में करोड़ों मामले लंबित हैं, जिससे मुख्य कार्य प्रभावित होता है। महाविद्यालय के निदेशक जयंत कुमार ने न्यायालय में वादों की शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता पर...
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