हरिद्वार, दिसम्बर 1 -- हावड़ा एक्सप्रेस से शिशु हाथी की मौत के बाद जंगल में मातम और गुस्सा दोनों नजर आया। हादसे के कुछ ही देर बाद हाथियों का बड़ा झुंड मौके पर पहुंच गया और करीब दो घंटे तक रेलवे ट्रैक के आसपास ही डटा रहा। स्थिति ऐसी थी कि ट्रेन मौके पर रोक दी गई और किसी को भी डिब्बों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। शिशु हाथी जिस झुंड से अलग हुआ था, वह पांच हाथियों का परिवार था, जो अक्सर सात की संख्या में इस क्षेत्र में घूमता रहता है। लेकिन सोमवार सुबह हादसे के बाद करीब आठ हाथी इकट्ठा होकर ट्रैक किनारे खड़े रहे। झुंड बार-बार चहलकदमी करता रहा और कई बार जोर से चिंघाड़ भी की, जिससे राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क और रेलवे कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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