मुजफ्फरपुर, जनवरी 14 -- मुजफ्फरपुर, मृत्युंजय। एसकेएसमीएच और अन्य मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टर शिशु और हड्डी रोग विशेषज्ञ की बजाय मेडिसिन विशेषज्ञ बनना चाहते हैं। नीट पीजी में सफल छात्रों के दाखिले का ट्रेंड यही बता रहा है। वर्ष 2025 में नीट में टॉप 100 में आने वाले 45 छात्रों ने मेडिसिन विषय में दाखिला लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि मेडिसिन में संभावनाएं अधिक होने के कारण इसकी मांग बढ़ी है। एसकेएमसीएच में मेडिसिन विषय में दो ही सीट हैं, लेकिन यहां दाखिला लेने के लिए हर साल 50 से अधिक छात्र आवेदन करते हैं। मेडिसिन के बाद रेडियोलॉजी की डिमांड सबसे ज्यादा है। इस वर्ष नीट पास करने वाले टॉप 100 में 40 छात्रों ने रेडियोलॉजी चुना है। वर्ष 2024 में रेडियोलॉजी पहले स्थान पर था। तब टॉप 100 में आने वाले 60 छात्रों ने र...
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