शाहजहांपुर, फरवरी 26 -- मुमुक्षु महोत्सव में बुधवार को दूसरे दिन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में चल रही रामकथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ कथा का अमृत पान करने के लिए उमड़ पड़ी। कथाव्यास विजय कौशल महाराज ने शिव सती का प्रसंग श्रृद्धालुओं को सुनाया। उन्होंने बताया कि जब माता सती सीता जी का भेष धारण करके प्रभु श्रीराम की परीक्षा लेने पहुंची तो प्रभु ने उन्हें तुरंत पहचान लिया और उन्हें प्रणाम किया। भेद खुल जाने पर माता सती लज्जित होती है और अंतरध्यान होकर भगवान शंकर के पास पहुंचती हैं। भगवान शिव उनके इस कृत्य से असंतुष्ट होकर कैलाश की ओर चल पड़ते हैं और अखंड समाधि में लीन हो जाते हैं। कथा के दौरान मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, स्वामी अभेदानंद, स्वामी सर्वेश्वरानंद, स्वामी हरिदास, सुरेश सिंघ...
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