भागलपुर, जनवरी 10 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि। उत्तर वाहिनी गंगा तट पर स्थित जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथा वाचिका जया मिश्रा ने रुद्र संहिता की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए सती प्रसंग के माध्यम से श्रोताओं को गूढ़ एवं शिक्षाप्रद संदेश दिया। उन्होंने बताया कि ब्रह्मा जी द्वारा पृथ्वी की रचना के बाद उनके दस पुत्र उत्पन्न हुए, जिन्हें उन्होंने मानस पुत्र के रूप में स्वीकार किया। इसके पश्चात ब्रह्मा जी ने पुत्र कामदेव को ऐसा बाण दिया, जिससे जिस पर भी प्रहार हो, वह उनके वश में आ जाए। कामदेव द्वारा वही बाण अनजाने में ब्रह्मा जी पर चला देने से उनकी पुत्री संध्या के प्रति विकार उत्पन्न हो गया। इस स्थिति से व्याकुल होकर सभी देवताओं ने भगवान शिव का आवाहन किया। शिव जी ने प्रकट ...