हापुड़, जुलाई 18 -- नगर के चंडी रोड स्थित मां आद्यशक्ति चण्डी मंदिर में चल रही शिव महापुराण में छठे दिन व्यास पंडित मोहित भारद्वाज ने भगवान गणेश की लीलाओं का वर्णन किया। जिन्हें सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। पंडित मोहित भारद्वाज ने बताया कि भगवान गणेश एक दंत है। जिसका अर्थ है एकाग्रता, वह अपने हाथ में जो भी लिए हुए हैं उन सब का भी अर्थ है। वह अपने एक हाथ में अंकुश लिए हुए है, इसका अर्थ जागृत होना और एक हाथ में पाश लिए हुए हैं जिसका अर्थ निमंत्रण है। श्री गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूज्य है। भगवान श्री गणेश मंगल मूर्ति भी कहे जाते हैं क्योंकि उनके सभी अंग जीवन को सही दिशा देने की सीख देते हैं। गणेश जी का बड़ा सिर यह ज्ञान देता है कि आपकी अपनी सोच को बड़ा बनाए रखना चाहिए। भगवान गणेश की छोटी आंखें हैं जो यह ज्ञान देती है कि हर चीज को सूक्ष्म रूप ...
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