सुल्तानपुर, नवम्बर 3 -- चांदा, संवाददाता । भगवान शिव साक्षात विश्वास हैं और मां पार्वती श्रद्धा की मूर्ति। श्रद्धा और विश्वास का यही सम्मिलन शिव-पार्वती विवाह कहलाता है। उक्त उदगार मानस जागरण समिति प्रतापपुर कमैचा के तत्वावधान में चल रहे त्रिदिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के पहले दिन वाराणसी से पधारे डॉ. मदन मोहन मिश्र 'मानस कोविद व्यक्त किए। श्री मिश्र ने आगे कहा कि शिव परिवार हमें सामंजस्य और सकारात्मकता का अद्भुत संदेश देता है। गले का सर्प कार्तिकेय के वाहन मोर का भोजन है, सर्प गणेश के वाहन चूहे को खा सकता है, बैल को मैया पार्वती का वाहन शेर खाता है फिर भी भगवान शंकर का परिवार एकता का प्रतीक है। डॉ मिश्र कहा कि शिव जी का रूप भले ही अमंगल प्रतीत होता हो, लेकिन वे स्वयं मंगल के देवता गणेश के पिता हैं। रति के पति कामदेव को भस्म करने के बाद शि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.