भागलपुर, दिसम्बर 9 -- बुद्धूचक थाना क्षेत्र के गोघट्टा उत्तर टोला स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीरामकथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा वाचक धनंजय वैष्णव जी महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाया। उनके भावपूर्ण वर्णन से पूरा पंडाल भक्ति और उत्साह से भर उठा। महाराज ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट श्रद्धा और धैर्य से देवता भी प्रसन्न हुए तथा समय-समय पर उन्हें मनोबल प्रदान करते रहे। उन्होंने कामदेव दहन प्रसंग, भगवान शिव की तपस्या, शक्ति और वैराग्य तथा नारद जी की महत्वपूर्ण भूमिका का भी मार्मिक वर्णन किया। अंत में त्रियुगी नारायण में संपन्न हुए शिव-पार्वती के पावन विवाह और भगवान शिव की अद्भुत बारात की दिव्य झांकी का वर्णन किया गया। यह प...