सोनभद्र, जनवरी 3 -- चोपन,हिंदुस्तान संवाद। स्थानीय नर्वदेश्वर मंदिर परिसर में शनिवार को आयोजित सप्तदिवसीय रामकथा के दूसरे दिन कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने भगवान शिव और माता पार्वती के मंगल विवाह की कथा का अत्यंत सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान उपस्थित श्रद्धालु स्वयं को शिव-पार्वती विवाह का साक्षी अनुभव करते हुए भजनों में झूमते नजर आए। कथाव्यास श्री भारद्वाज ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए गुरु महर्षि नारद के निर्देश पर कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया और शिव-पार्वती का पावन विवाह संपन्न हुआ। भगवान शिव की अद्भुत बारात और इस अनोखे विवाह का वर्णन सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। उन्होंने भगवान शिव के प्रथम विवाह की कथा का भी विस...
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