बस्ती, नवम्बर 14 -- बस्ती, निज संवाददाता। महादेवा गांव स्थित शिव मंदिर में चल रहे रूद्र महायज्ञ में कथावाचक आनंद भूषण महाराज ने कहा जो व्यक्ति श्रवण, कीर्तन और मनन करने में असमर्थ हो, वह भगवान शिव के लिंगबेर स्वरूप की पूजा अर्चना करके संसार रूपी सागर से पार हो सकता है। भगवान शिव के इस रूप का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि शिव लिंग और भगवान शिव के संपूर्ण स्वरूप का एक ही आकृति में संगम है। इसमें शिव लिंग के आकार के साथ-साथ भगवान शिव के मानवीय या आंशिक मानवीय रूप को भी दर्शाया जाता है। इसी को भगवान शिव का लिंगबेर रूप कहा जाता है। बिहार के लखीसराय में स्थित पंचवदन महादेव मंदिर में स्थापित लिंगबेर इसका प्रमुख उदाहरण है। ऐसे श्रद्धालु लिंगबेर के ऊपर श्रद्धा भाव से गन्ध, माला, धूप, दीप और द्रव्य चढ़ाकर भक्तिपूर्वक प्रसन्न करे। इस मौके पर गोसेवा...
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