कानपुर, फरवरी 14 -- कानपुर। राधा-कृष्ण सोसायटी शारदा नगर में चल रही शिव महापुराण कथा में तीसरे दिन शुक्रवार को शिवलिंग महत्व कथा हुई। कथावाचक आचार्य योगेश अवस्थी ने कहा कि भगवान शिव-पार्वती ही श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक हैं। शिवलिंग शिव का एकात्म स्वरूप है। अपने सारे सुख-दुख शिव को आश्रित कर दें क्योंकि संसार दुख ही देगा। शिव की शरणागति में ही शांति मिलती है। शिवलिंग का पार्थिव पूजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेलपत्र का डंठल तोड़कर ही भगवान को अर्पण करना चाहिए। इससे भगवान शिव भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। कथा में मुन्नू बाजपेई अवधेश, प्रभा त्रिवेदी ज्योति, अशोक आदि उपस्थित रहे।
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