हापुड़, मई 28 -- हिन्दू धर्म में तो गंगा को देवी मां का दर्जा दिया गया है। यह माना जाता है कि जब मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई तो वह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी, तभी से इस तिथि को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। दशहरा पर गंगा स्नान से मिलती है दस पापों से मुक्ति मिलती है। बाल्मीकि रामायण में बताया गया है कि राजा सगर, अंशुमान, दिलीप सहित चौथी पीढ़ी के राजा भगीरथ के घोर तपस्या, श्रम, उद्योग, श्रद्धा के भगीरथ प्रयास से चार पीढ़ियों के नब्बे हजार वर्षों से अधिक की तपस्या के बाद ज्येष्ठ शुक्ल दशमी यानि दशहरा के दिन गंगा जी स्वर्ग से पृथ्वी पर आयी। भगीरथ के प्रयास द्वारा आने के कारण मां गंगा का एक नाम भागीरथी भी पड़ा। मोक्षदायिनी मां गंगा दशहरे के दिन ही स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई। सप्तमी को स्वर्ग से आने के बाद तेज ...
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