पाकुड़, जनवरी 7 -- शिवलिंग भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक: आचार्य धीरज पाकुड़। प्रतिनिधि बिजली कॉलोनी स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में नौ दिवसीय शिव महापुराण का धार्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिन मंगलवार को विधिवत पूजा अर्चना के साथ शुरू हुआ। शिव महापुराण कथा सुनने को सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। काशी से आए कथावाचक आचार्य धीरज शास्त्री ने शिवलिंग की उत्पत्ति और शिव पुराण की महिमा प्रसंग पर कथा सुनाई गई। जिसमें कथा वाचक ने बताया कि शिवलिंग को भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग की उत्पत्ति शिव पुराण में विस्तार से है। कहा कि शिव ही परम तत्व, आदि और अंत से परे, महादेव हैं। अग्नि स्तंभ ही पहला शिवलिंग माना जाता है, जो निराकार ब्रह्म को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि शिव न जन्म लेते हैं और न मृत्यु को प्राप्त होते हैं। शिव प...