चतरा, फरवरी 9 -- सिमरिया निज प्रतिनिधि। प्रखंड के पगार निवासी कैलाश साव द्वारा शिवरात्री पर अपने घर में ध्वज खड़ा करने के लिए पसेरी से लकड़ी का मोटा स्तंभ गाजे बाजे के साथ लाया गया। इसमें गांव के सैकड़ो पुरुष स्नान कर पवित्र वस्त्र पहन कर नंगे पाव वृक्ष के पास पहुंचे। वहां विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने के बाद पंद्रह जोड़ी बहंगी पर बिना विश्राम किये लेकर गांव के देवी मंडप पहुंचे। ध्वज स्थापित होने तक देवी मंडप में ही स्तंभ का पूजा अर्चना किया जायेगा। इस संबंध में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपने मनोकामना पूर्ण होने, तालाब, बाबड़ी बनाने के बाद सखुआ का मोटा स्तंभ लगाने की परंपरा बहुत ही पुराना है। इस स्तंभ का जंगल में चयन करने के बाद काटने के पूर्व निमंत्रण देकर दुसरे दिन लाया जाता है। इसे कंधे पर उठाने के बाद जमीन पर नीचे नही रखा जाता है...