वाराणसी, जनवरी 31 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। साहित्यिक संघ वाराणसी की भोजपुरी और हिंदी के साहित्यकार शिवपूजन लाल विद्यार्थी के निधन पर नारायणी बिहार में शुक्रवार को शोकसभा शुक्रवार को हुई। अध्यक्षता डॉ. श्रद्धानंद ने की। वक्ताओं ने उनके भोजपुरी गीत, गजल तथा कहानी के अतिरिक्त खड़ी बोली में हिंदी कविता, कहानी एवं उपन्यास के वैशिष्ट्य पर प्रकाश डाला। उनकी 14 कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए साहित्यिक संघ ने उन्हें सेवक साहित्यश्री सम्मान 2017 से भी सम्मानित किया था। उनकी रचनाओं में समय और समाज की उपस्थिति गहरी संवेदना के साथ अभिव्यक्त हुई है। उनकी कृतियों पर साहित्य के शोध अध्येताओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि उनकी रचनाओं में यथार्थ और आदर्श का सुंदर समन्वय है। शोक सभा में सोच विचार के संपादक नरें...