कौशाम्बी, फरवरी 13 -- शिया समाज के लोगों ने फज्र की नमाज के बाद नदी और कुंए में अर्जी डाली। जो यहां नहीं पहुंच सके उन्होंने घर के पास तालाब में ही अर्जी डालकर अल्लाह पाक से रहमत और बरकत की दुआ मांगी। इसमें लोग एक कागज के टुकड़े पर अपनी मुसीबत और परेशानी के बारे में लिखकर नदी में बहा देते हैं। चायल शिया जामा मस्जिद के इमाम ए जुमा मौलाना सैयद जाहिद हुसैन ने बताया कि ये सदियों पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि नदी में अर्जी डालने से दुख और मुसीबत दूर हो जाती है। इसके अलावा जो भी मन्नत मांगी जाती है वह भी पूरी होती है।
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