रामपुर, जनवरी 5 -- वर्ष 1992 में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका बनी पाकिस्तानी नागरिक के मामले में केस दर्ज कराने के लिए शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। शिक्षा विभाग की ओर से केस दर्ज कराने के लिए आदेश के बीस दिन बाद भी तहरीर नहीं दी गई है। या यूं कहें कि शिक्षा विभाग शिक्षिका पर केस दर्ज कराने से बचता नजर आ रहा है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आतिशबाज निवासी अख्तर अली की बेटी फरजाना उर्फ माहिरा अख्तर से जुड़ा है। फरजाना ने 17 जून 1979 को पाकिस्तान निवासी सिबगत अली से निकाह किया था, जिसके बाद वह पाकिस्तान चली गई और वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली। पाकिस्तान में उसने दो बेटियों फुरकाना और आलिमा को जन्म दिया। निकाह के करीब तीन साल बाद पति द्वारा तलाक दिए जाने पर वह दोनों बेटियों के साथ रामपुर अपने मायक...
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