लातेहार, नवम्बर 28 -- मनिका,प्रतिनिधि। एक ओर जहां सरकार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की बात कर रही है। तो वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालयों ने शिक्षा को कमाई का अड्डा बनाया हुआ है। प्रखंड क्षेत्र में कई निजी विद्यालय संचालित है, जिसमें लगभग 95 फीसदी विद्यालयों के पास यू-डाइस कोड नहीं है, बावजूद इसके सारे नियमों को ताक में रखकर शिक्षा विभाग इन सभी चीजों की अनदेखी कर रही है, कई विद्यालय तो खुद को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त बताते हैं और अपने पैंपलेट में यह तक छपवाते हैं कि उनके विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न पर आधारित पढ़ाई होती है, सबकी सच्चाई तो यह है कि ये सारी बातें अभिभावकों को बरगलाने के लिए कही जाती है। इन सभी मामलों में जब छात्र नेता उत्तम कुमार ने प्रेस वार्ता कर निजी विद्यालयों के द्वारा हो रहे इस भ्रष्टाचार का कड़े शब्दों में नींदा किया। ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.