नई दिल्ली, अगस्त 29 -- हंसराज कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा पर भव्य व्याख्यान का आयोजन नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति की अंतर्निहित चेतना को उजागर करना है और अगर जो चेतना को उजागर करने में सक्षम नहीं है वह शिक्षा किसी काम की नहीं है। उक्त बातें हंसराज कॉलेज में आयोजित भारतीय ज्ञान परंपरा विषयक व्याख्यान में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश पाण्डेय ने कहे। उन्होंने कहा कि भारत की सही पहचान के लिए हमें गहराई के साथ विचार करना होगा। यह देश ऋषियों-मुनियों की सहस्रों साल की साधना और ज्ञान से निर्मित है। दुनिया की सर्वाधिक प्राचीन सभ्यता भारत सभ्यतागत विकास की केन्द्रीय धूरी रहा है और इसका प्रमाण वेदों से ही मिलने लगता है। उन्होंने आत्मा की अमरता और नश्वरता की बात की। उन्होंने आदर्श आचार्य पर भी अपने मत प्रकट किए और...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.