गोरखपुर, जनवरी 4 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में आजीवन समर्पित रहे परमेश्वर के निधन से महानगर ने प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है। उनका जाना गोरखपुर ही नहीं, बल्कि समूचे पूर्वांचल के लिए अपूर्णीय क्षति है। रविवार को राप्ती तट पर उनका विधि विधान से अंतिम संस्कार किया गया। परमेश्वर का जन्म जुलाई 1936 में गोरखपुर में पिता स्वर्गीय रामप्रसाद गुप्त एवं माता रमापति देवी के घर हुआ। माता-पिता द्वारा रखा गया नाम 'परमेश्वर' आगे चलकर अपने कर्म, सेवा और सादगी के कारण समाज में विशेष पहचान बना सका। साल 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग में देश के पहले 'सरस्वती शिशु मंदिर' की आधारशिला रखने वालों में नानाजी देशमुख के साथ उनका नाम प्रमुख रूप से जुड़ा रहा। उनका परिवार आर्य समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विच...
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